AULI TRIP 2021

इस बार सर्दियों में घूमे उत्तराखंड के औली

औली

 

उत्तराखंड भारत की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है और यहाँ स्थित औली, देश के सबसे फेमस स्कीइंग डेस्टिनेशन्स में से एक है और यह जगह काफी समय से टूरिस्ट्स और एडवेंचर पसंद करने वालों को अपनी ओर आकर्षित करती आ  रही है। स्कीइंग करने के अलावा आप यहां नंदा देवी, माना पर्वत और कामत जैसे पर्वत श्रृंखलाओं को भी देख सकते हैं। यह जगह ओक धार वाली ढलानों के लिए भी प्रसिद्ध है।

auli uttrakhand
photo credit – google

औली के चारों तरफ हिमालय की ऊची पहाड़ियां और देवदार के ऊंचे-ऊंचे पेड़, हरे-भरे घास के मैदान है औली समुद्र तल से करीबन 2800 मीटर ऊपर स्थित है उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित औली, देश व  विदेश में सबसे फेमस स्कीइंग डेस्टिनेशन्स में से भी एक है, सूरज की किरणें जब बर्फ से ढकी इन पहाड़ियों पर पड़ती है तो देखने वाले का मन प्रसन्न हो उठता है। एडवेंचर पसन्द लोगो को अपने जीवन में औली जरुर घूमने जाना चाहिए व यहाँ के सुन्दर दृश्यों और स्कीइंग का आनन्द लेना चाहिए। शहर की भागती जिन्दगी से दूर औली आपको शांति और सूकून का एहसास दिलाएगी। गढ़वाल मण्डल विकास निगम की तरफ से यहाँ 14 दिन की स्की सिखने की सर्टिफिकेट ट्रेनिंग दी जाती है। जो हर वर्ष जनवरी से मार्च के बीच मण्डल व निजी सस्थांन द्वारा दी जाती है। इसके अलावा यहाँ पर काफी रिसोर्ट में ठहरने की अच्छी व्यवस्था है।

स्की  शुल्क:-
स्की करने के लिए बडो के लिए करीबन 500 रू. और बच्चों के 250 रू. शुल्क लिया जाता है इसके अलावा 7 दिन तक स्की सीखने के लिए भारतीय पर्यटकों से 5,000 रू. और विदेशी पर्यटकों से 6,000 रू. शुल्क लिया जाता है। 14 दिन तक स्की सीखने के लिए भारतीय पर्यटकों से 10,000 रू. और विदेशी पर्यटकों से 12,000 रू. शुल्क लिया जाता है।

auli 2021

औली के आस-पास:-
दिल्ली से औली जाते समय रास्ते में रूद्रप्रयाग स्टेशन भी पड़ता है। यहाँ पर आप अलकनंदा तथा मंदाकिनी नदियों का संगमस्थल भी देख सकते है रूद्रप्रयाग में आप रात को रूक कर सुबह औली के लिए जा सकते है। इसके अलावा GMVN रूद्र काॅम्पलैक्स में भी रूका जा सकता है। यहाँ ठहरने और खाने की अच्छी व्यवस्था है। रूद्रप्रयाग से औली पहुँचने के लिए करीबन साढ़े चार घंटे का समय लगता है।

कैसे पहुंचे औली ?

 

हवाई मार्ग:-
देहरादून का जाॅली ग्रैंट एयरपोर्ट सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है जो औली से करीबन 220 किलोमीटर दूर है। मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों से हर दिन नियमित फ्लाइट्स देहरादून आती हैं। यात्री एयरपोर्ट से बस या टैक्सी के जरिए आसानी से औली पहुंच सकते हैं। इसके अलावा देहरादून का एयरपोर्ट ऋषिकेश से महज 20 किलोमीटर दूर है। आप चाहें तो ऋषिकेश से भी औली जा सकते हैं क्योंकि ऋषिकेश, औली से सड़क मार्ग के जरिए जुड़ा हुआ है।
रेल मार्ग:-
ऋषिकेश रेलवे स्टेशन औली का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है जो यहां से करीबन 230 किलोमीटर दूर है। ऋषिकेश का रेलवे स्टेशन देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है और यहां नियमित रूप से ट्रेनें आती हैं। दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए कई सुपरफास्ट ट्रेनें चलती हैं। रेलवे स्टेशन पहुंचकर यात्री चाहें तो टैक्सी या बस सर्विस के जरिए औली पहुंच सकते हैं।
सड़क मार्ग:-
सड़क मार्ग के जरिए औली जाने का आपका एक्सपीरियंस जीवनभर याद रहने वाला एक्सपीरियंस क्योंकि सफर के दौरान रास्ते में पड़ने वाली प्राकृतिक खूबसूरती आपकी यात्रा को और भी ज्यादा रोमांचक बना देती हैं।  हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून से नियमित अंतराल पर बसें औली के लिए चलती हैं। इसके अलावा उत्तराखंड के प्रमुख शहरों पौडी, जोशीमठ और रुद्रप्रयाग से भी कई बसें औली के लिए चलती हैं। यात्री चाहें तो ट्रैक्सी हायर करके भी औली पहुंच सकते हैं। इसके अलवा नेषनल हाईव 58 भी ऋषिकेश को औली से जोड़ता है और महज 5 से 6 घंटे में आप औली पहुंच सकते हैं।trip auli 2021
कब जाएं औली:-
वैसे तो आप पुरे साल औली जा सकते हैं लेकिन औली स्नो स्कीइंग के लिए फेमस है तो अगर आप भी स्कीइंग के शौकीन  है तो आपको दिसम्बर से  फरवरी के बीच औली जाना चाहिए क्योकिं  दिसंबर से फरवरी के बीच भारी बर्फबारी की वजह से यहां का वातावरण बहुत ज्यादा ठंडा रहता है इसलिए यह समय स्कीइंग के लिए सबसे बढ़िया है इसके अलावा  मई से नवम्बर के बीच का मौसम भी ठंडा रहता है इस समय भी आप परिवार के साथ आउटडोर ऐक्टिविटीज का आनन्द लेने के लिए जा सकते है।
औली  घूमने जाने से पहले कुछ  विषेश बातो का ध्यान रखे:-
औली जाने से पहले आपको शारीरिक व मानसिक रुप से स्वस्थ होना चाहिए क्योकिं औली में बहुत ठंड पडती है व पहाडी इलाकों में पैदल चलना पडता है। व यहाँ पर सर्दी से बचने के लिए उच्च गुणवत्ता के गर्म कपड़े पहनना बहुत आवश्यक है। गर्म कपड़ों में  जैकेट, दस्ताने, गर्म पैंट और जुराबें होनी बहुत जरूरी हैं। इन सबके अलावा अच्छे जूते होना भी बहुत जरुरी है। इसके अलावा घूमते समय आपका सिर और कान अच्छी तरह से ढके होने चाहिए। आँखो को बचाने के लिए चश्में का प्रयोग करना चाहिए। यह सामान GMVN के कार्यालय से किराए पर भी लिए जा सकते हैं।
ठंड में ज्यादा देर रहने से शरीर की नमी उड़ जाती है और आमतौर पर निर्जलीकरण की समस्या सामने आती है। इस समस्या से बचने के लिए खूब पानी पीना चाहिए और जूस का सेवन करना चाहिए। अपने साथ पानी की बोतल रखना ना भुले। बर्फ में हानिकारक कीटाणु होने के कारण उसे खाने का  प्रयास न करें।

 

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